छत्तीसगढ़रायपुर जिला

CG : लाखासार स्थित सुरभि गौधाम की व्यवस्थाएं सुदृढ़, 25 एकड़ में फैला है परिसर …

रायपुर । ग्राम लाखासार स्थित गौधाम बेसहारा मवेशियों के आश्रय, हरे चारे की खेती, और गोबर- आधारित उत्पादों के प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने का एक प्रमुख केंद्र है। ज्ञातव्य है कि ग्राम लाखासार में 25 एकड़ में विकसित सुरभि गौधाम का मार्च 2026 में शुभारंभ किया गया। पशु चिकित्सा विभाग ने बिलासपुर जिले के विकासखंड तखतपुर के सुरभि गौधाम, लाखासार की व्यवस्थाओं को पूर्णतः सुदृढ़ और संतोषजनक बताया है। विभाग ने 3 मई 2026 को किए गए औचक निरीक्षण में यहाँ की समस्त व्यवस्थाएं मानक के अनुरूप पाई गई हैं।

विशाल रकबा और चारे का आत्मनिर्भर उत्पादन

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सुरभि गौधाम कुल 25 एकड़ के विशाल क्षेत्र में संचालित है। इसकी विशेषता यह है कि इसके 13 एकड़ क्षेत्र में विशेष रूप से पशुओं के लिए हरे चारे का उत्पादन किया जा रहा है। इसमें 5 एकड़ में नेपियर, 1 एकड़ में सूडान और 1 एकड़ में बरसीम की फसल लहलहा रही है। यहाँ गोबर से उत्पाद (कंडे, गमले, आदि) बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।

पशुओं की संख्या और आवास

वर्तमान में यहाँ कुल 219 गौवंश आश्रित हैं, जिनमें 131 गायें, 51 बछिया, 21 बछड़े और 16 छोटे बछड़े शामिल हैं। गौधाम में आवास की कोई कमी नहीं है, निरीक्षण के दौरान यहाँ तीन बड़े शेड पाए गए, जिनका क्षेत्रफल पशुओं के लिए पर्याप्त है। बेसहारा मवेशियों को आश्रय, प्रदान करना, उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करना गौधाम का उद्देश्य है।

चारे, पानी और स्वास्थ्य की पुख्ता व्यवस्था

मवेशियों के लिए 13 एकड़ भूमि पर हरे चारे की खेती की जा रही है।निरीक्षण के समय गौधाम में चारे का पर्याप्त भंडार मिला, जिसमें 400-450 क्विंटल पैरा, 150 क्विंटल पैरा कुट्टी और 10 क्विंटल पशु आहार का स्टॉक उपलब्ध था। पेयजल के लिए यहाँ तीन बोर पंप संचालित हैं। बिजली कटौती की स्थिति से निपटने के लिए एक पंप को सौर ऊर्जा से जोड़ा गया है। साथ ही, पशुओं के नियमित टीकाकरण और स्वास्थ्य निगरानी के लिए एक विशेषज्ञ की नियुक्ति की गई है, जो निरंतर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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